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सूक्ति संग्रह 1:7-8
सरल हिन्दी बाइबल
HCV
यहोवाह के प्रति श्रद्धा ही ज्ञान का प्रारम्भ-बिंदु है, मूर्ख हैं वे, जो ज्ञान और अनुशासन को तुच्छ मानते हैं. मेरे पुत्र, अपने पिता के अनुशासन पर ध्यान दीजिए और अपनी माता की शिक्षा को मत भूलिए.
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सूक्ति संग्रह 1:32-33
सरल-साधारण व्यक्ति सुसंगत मार्ग छोड़ देते और मृत्यु का कारण हो जाते हैं, तथा मूर्खों की मनमानी उन्हें ले डूबती है; किंतु कोई भी व्यक्ति, जो मेरी सुनते हैं, सुरक्षा में बसे रहेंगे वह निश्चिंत रहेंगे, क्योंकि उन्हें विपत्ति का कोई भय न होगा.”
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सूक्ति संग्रह 1:5
बुद्धिमान इन्हें सुनकर अपनी बुद्धि को बढ़ाएं, समझदार व्यक्ति बुद्धिमानी का परामर्श प्राप्त करें
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सूक्ति संग्रह 1:10
मेरे पुत्र, यदि पापी आपको प्रलोभित करें, उनसे सहमत मत हो जाइएगा.
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सूक्ति संग्रह 1:1-4
इस्राएल के राजा, दाविद के पुत्र शलोमोन की सूक्तियां: बुद्धि और अनुशासन सीखने के लिए; समझ की बातों को सिखाने के लिए; व्यवहार कुशलता के लिए निर्देश-प्राप्ति, धार्मिकता, निष्पक्षता तथा न्याय हेतु अंतर्दृष्टि के लिए; सीधे-सादे लोगों को विवेक प्रदान करने के लिए— युवाओं को ज्ञान और निर्णय-बुद्धि प्रदान करने के लिए.
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सूक्ति संग्रह 1:28-29
“उस समय उन्हें मेरा स्मरण आएगा, किंतु मैं उन्हें उत्तर न दूंगा; वे बड़े यत्नपूर्वक मुझे खोजेंगे, किंतु पाएंगे नहीं. क्योंकि उन्होंने ज्ञान से घृणा की थी और यहोवाह के प्रति श्रद्धा को उपयुक्त न समझा.
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