मैं परमेश्वर को पुकारता हूं;
उच्च स्वर में परमेश्वर की दुहाई दे रहा हूं
कि वह मेरी प्रार्थना पर ध्यान दें.
अपने संकट की स्थिति में,
मैंने प्रभु की सहायता की कामना की;
रात्रि के समय थकावट की अनदेखी कर मैं उनकी ओर हाथ बढ़ाए रहा
किंतु, मेरे प्राण को थोडी भी सांत्वना प्राप्त न हुई.