चोखली सास्तर मे लीखलु से, आखा जणा जे तीनी मे भरहो करहे, तीहयो कदी लाजे नी पड़े। युहदी अने आड़जात्या मे कंय भेद-भाव नी र्यो काहाके एकीत मालीक आखा नो मालीक से, जे तीहया आखा ना लेदे, जे तीनी गवाय देता हय, काहाके सास्तर केय के, जे कोय मालीक नाम सी वीन्ती करहे, तीहयो छुटकारो हात करहे।