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रोमियो 14:17-18
Dhankavi Bible, 2025
Dii25
काहकि यहोवा–भगवानन राज्य खानु–पिनु नी, पुन न्यायीपन आरू हावल–मिलाप आरू चाँ खुशी छे जी चुखलो आत्मा से हुता छे। जु इन रीति रईन मसीहान सेवा करता छे, चाँ यहोवा–भगवान काजे भाता छे आरू मानसो मा मान्य योग्य ठहरता छे।
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2
रोमियो 14:8
यदि हामु जीवित छे, ते पोरबुन करता जीवित छे, ते पोरबुन करता मरता छे; शेवली कावा हामु जीवजे या मरें, हामु पोरबुच छे।
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3
रोमियो 14:19
एरकरीन आपो ओको वात मा लाग रोवे जिनाछे हावल–मिलाप आरू एक दिसरान बढ़ती होय।
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4
रोमियो 14:13
शेवली कावा ओगव हामु एक दिसरा पर दोष नी लागाड़े, पर तुमू यो ठान लेवु कि कोय आपसा भाई क सामने ठुकर खाईन पाप मा पड़नेन कारण मा बने।
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5
रोमियो 14:11-12
काहकि लिखलो छे, “पोरबु कोवतु छे, मारा जीवनन सोगुन कि हर एक घुटना मारा सामने टिकछे, आरू हर एक जीभ यहोवा–भगवान काजे अंगीकार करसे।” एरकरीन आपो मा रईन हर एक यहोवा–भगवान काजे आपसा–आपसा लेखो आपसे।
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6
रोमियो 14:1
जु विश्वास मा निर्बल छे, ओको आपसी संगति मा ली लेवु, पुन ओका मतों पर विचार करनेन करता नी।
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7
रोमियो 14:4
तु कुण छे जु दिसरान सेवक पर दोष लागाड़ तु छे? ओकान स्थिर रोवनु क गिर पौवनु ओको भगवान ही रईन सम्बन्ध हावकतु चे; वरना चाँ स्थिरूच कर देदो जायछे, काहकि पोरबु ओको स्थिर हावक देदो छे। च
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