हे मानव, तु जो ओसला–ओसला काम करनेवावा पर दोष लागाड़ छे, आरू चु खुद चो काम करतु छे; काँ यो समझे छे कि तु यहोवा–भगवानन न्याय रईन बच जाछे? काय तु ओको किरपा, आरू सहनशीलता, आरू धीरजरूपी धन क तुच्छ जानतु छे? आरू काहय यो नी समझता कि यहोवा–भगवान की भलाई तारो मन फिराव करने काजे सिकाड़ती छे?