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2 कुरिन्थियो 7:10
Marwari
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क्यूंकै जिकौ दुख परमेसर री इछा ऊं स्वीकार कियो जावै है, उण ऊं ऐड़ौ भलाई रौ मन बदलाव होवै है की चिंता रौ कोई सवाल ही नीं उठै। पण संसार रै दुख ऊं मौत पैदा होवै है।
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2 कुरिन्थियो 7:1
हे प्यारौ, जद की ऐ वायदा म्हौ नै मिळिया है, तो आओ, म्हौ अपणै आप नै सरीर अर आतमा री सगळी गन्दगी ऊं सुद्ध करौ, अर परमेसर रौ भय राखता होया पवितरता नै हासल करौ।
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2 कुरिन्थियो 7:9
अबै म्हैं खुस हूं इण वास्तै कोनीं की थांनै दुख देयनै, बल्कि इण वास्तै की थै उण दुख रै खातर मन फिराया। क्यूंकै थौरो दुख परमेसर री इछा रै अनुसार हो, की म्हौरी तरफ ऊं थांनै किणी बात रौ नुकसाण नीं हो।
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