“हे कपटजे, मुसा ने नियम हिकाड़वा वालो नी फरीसीयो तमय माते हाय हे। तमो पोदिना, वरजाली नी जीरा ने दसवो पाग आलो हो, पण तमय मुसा ने नियम ने खास वाती यानी न्याव, दया नी विसवास ने सुड़ी दिओ हो। अणा हू हाऊ ते यू थातु के, तमो खास वाती नीं सुड़ता नी दसवांस बी आलता रेता।