नोकु होर ठिनुः सेन केते नुवां गाम्मी,
“‘अपे ओनाव चित तहिनापे,
मुदा कपे सोमझाव वोःओ।
अपे नेनेल चित तहिनापे, मुदा अपे के का सुझाःआ,
चिलिमेनचि नोकु होर रआ बुधि गोच एकाना,
नोकु लुतूर एते ओनाव काकु चहाःकाना,
उनकु ता अपन मेत जापित एकाःआकु
जहां ठिनुः हों नुंका ओलो होयुःका चि
नोकु मेत तेदो नेल कियाकु,
अरो लुतूर एते अयुम कियाकु,
अरो मोन एते सोमझाव कोःओकु,
इञ सोझ रुवाड़ हिजुःआकु
अरो इञ उनकु के बुगी कुञ।’”