चिलिमेनचि भीतरी एते बङ रेदो होर रआ मोन एते कठिक बिचार; साप-जोटेत, कुमरु, गोगोच, एटाः एरा रे मोहव वोः, लोभी, कुचड़, छलकपट, लम्पट, हिसंगा, निन्दा, मरंग बयुः, अरो मुरुक कामि उडुङओः काना। इना सुबिन कठिक गानाम भीतरी मोन तीगी उडुङओः काना अरो होर के असुध कुकानाय।”