सूक्ति संग्रह 16:2
सूक्ति संग्रह 16:2 HCV
मनुष्य की दृष्टि में उनका अपना समस्त चालचलन शुद्ध ही होता है, किंतु यहोवाह ही उनकी अंतरात्मा को परखते हैं.
मनुष्य की दृष्टि में उनका अपना समस्त चालचलन शुद्ध ही होता है, किंतु यहोवाह ही उनकी अंतरात्मा को परखते हैं.