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संत.जोहन 1:5

संत.जोहन 1:5 ASR

होना मरसल अंधार रे चमकाआ आउर अंधार होना के काय जीताव दाड़ी नेना।

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संत.जोहन 1:5 - होना मरसल अंधार रे चमकाआ आउर अंधार होना के काय जीताव दाड़ी नेना।संत.जोहन 1:5 - होना मरसल अंधार रे चमकाआ आउर अंधार होना के काय जीताव दाड़ी नेना।