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संत.जोहन 16:33

संत.जोहन 16:33 ASR

ईङ नोःआँ बात आपे के नोःआँ लःअय कंहड़ी लाईङ, ची ईङ तरअः आपे के सानती भेटाअः। दुनिया रे आपे के बिपाईत सासहाव पड़ाआ, बकिर जीव के डिढ़ेमे, ईङ दुनिया के जीताव नाईंग।”

Obrázkové verše संत.जोहन 16:33

संत.जोहन 16:33 - ईङ नोःआँ बात आपे के नोःआँ लःअय कंहड़ी लाईङ, ची ईङ तरअः आपे के सानती भेटाअः। दुनिया रे आपे के बिपाईत सासहाव पड़ाआ, बकिर जीव के डिढ़ेमे, ईङ दुनिया के जीताव नाईंग।”संत.जोहन 16:33 - ईङ नोःआँ बात आपे के नोःआँ लःअय कंहड़ी लाईङ, ची ईङ तरअः आपे के सानती भेटाअः। दुनिया रे आपे के बिपाईत सासहाव पड़ाआ, बकिर जीव के डिढ़ेमे, ईङ दुनिया के जीताव नाईंग।”संत.जोहन 16:33 - ईङ नोःआँ बात आपे के नोःआँ लःअय कंहड़ी लाईङ, ची ईङ तरअः आपे के सानती भेटाअः। दुनिया रे आपे के बिपाईत सासहाव पड़ाआ, बकिर जीव के डिढ़ेमे, ईङ दुनिया के जीताव नाईंग।”संत.जोहन 16:33 - ईङ नोःआँ बात आपे के नोःआँ लःअय कंहड़ी लाईङ, ची ईङ तरअः आपे के सानती भेटाअः। दुनिया रे आपे के बिपाईत सासहाव पड़ाआ, बकिर जीव के डिढ़ेमे, ईङ दुनिया के जीताव नाईंग।”