मती 5:29-30

मती 5:29-30 RWR

जे थारी जीवणी आंख थनै पाप करावै, तो उणनै फोड़ दे। क्यूंकै थारै लिए ओ भलौ है की थारै अंगो मे ऊं एक नास हो जावै अर थारौ हैंग सरीर नरक मे नीं नोख्यौ जावै। जे थारौ जीमणौ हाथ थनै पाप करावै तो उणनै काटनै फेंक दे। क्यूंकै थारै लिए ओ भलौ है की थारै अंगो मे ऊं एक नास हो जावै अर थारौ हैंग सरीर नरक मे नीं नोख्यौ जावै।

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