रोमियो 14
14
अपणै भाई माथै दोस मत लगाओ
1 #
कुलु 2:16
जिकौ विसवास मे कमजोर है, उणनै अपणी संगति मे ले लौ। पण उणरै विचारो ऊपर विवाद करणै रै लियै कोनीं। 2कीं लोग विसवास करै है, की सगळौ कीं खाणौ वाजिब है, पण जिकौ विसवास मे कमजोर है वो साग-सब्जी ही खावै है। 3तो वो जिकौ हरैक तरैह रौ खाणौ खावै है, उणनै उण मिनख नै तुच्छ कोनीं समझणौ चाहीजै जिकौ कीं चीजों कोनीं खावै। व्यौंही वो जिकौ कीं चीजों कोनीं खावै है, उणनै सगळौ कीं खावण वाळै नै बूरो नीं कैणौ चाहीजै। क्यूंकै परमेसर उणौनै अपणा लिया है। 4थूं कुण है जिकौ दूजै रै घर रै सेवक माथै दोस लगावै है? उणरौ स्थिर रैवणौ या नीं रैवणौ उणरै मालिक ऊं संबंध रैवै है, बल्कि वो स्थिर ही कर दियौ जावैला, क्यूंकै परभु उणनै स्थिर राख सकै है।
5कोई तो एक दिन नै दूजै दिन ऊं बढ़नै मांनै है, अर कोई सगळै दिनां नै एक जैड़ा मांनै है। हरैक अपणै इज मन में पको कर ले। 6जिकौ किणी एक दिन नै मांनै है, वो परभु नै आदर दैणै रै लियै इज मांनै है। अर जिकौ सगळौ कीं खावै है, वो भी परभु नै आदर दैणै रै लियै इज खावै है। क्यूंकै वो परमेसर रौ धन्यवाद करै है। अर जिकौ किणी चीजों नै नीं खावै, वो भी ऐड़ौ इण वास्तै करै है, क्यूंकै वो भी परभु नै आदर दैणौ चावै है। वो भी परमेसर नै इज धन्यवाद दैवै है। 7क्यूंकै म्हौ मे ऊं नीं तो कोई सिरफ खुद रै लियै जीवै है अर नीं कोई खुद रै लियै मरै है। 8जे म्हौ जीवता हो, तो परभु रै लियै जीवता हो। अर जे मरो हो, तो परभु रै लियै मरो हो। मतलब म्हौ जियो या मरो, म्हौ परभु रा इज हो। 9क्यूंकै मसीह इण वास्तै मरया अर जी भी उठया, ताकी वो मरयोड़ा अर जीवतौ दोनो रा परभु हो सकै। 10#2 कुरि 5:10थूं अपणै भाई माथै क्यूं दोस लगावै है? या फिर थूं अपणै भाई नै क्यूं तुच्छ जांणै है? म्हौ सगळौ नै परमेसर रै सिहासण रै सांमै ऊभौ होणौ है। 11क्यूंकै पवितर सास्तर में लिख्योड़ौ है,
“परभु कैवै है, ‘म्हारै जीवन री सौगन की हरैक गोडा म्हारै सांमै टिकैला,
अर हरैक जीभ परमेसर नै स्वीकार करैला।’ ”
12इण वास्तै म्हौ में ऊं हरैक परमेसर नै अपणौ अपणौ लेखो दैला।
अपणै भाई रै नास रौ कारण मत बणौ
13आखरी म्हौ आपस में दोस लगाणौ बंद करौ, अर ओ पको करौ की अपणै भाई रै मारग में म्हौ कोई अड़चन ऊभी नीं करौला अर नीं उणनै पाप रै लियै उकसाओला। 14म्हैं जांणूं हूं, अर परभु यीसु में म्हनै पको विसवास होयौ है की अपणै आप में कोई खाणौ अपवितर कोनीं है। वो कैवल उणरै लियै अपवितर है, जिकौ उणनै अपवितर मांनै है, उणरै लियै उणरौ खाणौ अपवितर है। 15जे थारै भाई नै थारै खाणै ऊं ठेस लागै है तो थूं वास्तव में परैम रौ व्यवहार कोनीं कर रियौ है। तो थूं अपणै खाणै ऊं उणरै नास रौ कारण मत बण, क्यूंकै मसीह नै एठै तांई की खुद रौ प्रांण दे दियौ। 16आखरी थारै लियै जिकौ खाणौ भलौ है, उणरी वजैऊं मसीह री निंदा मत होणै दे। 17क्यूंकै परमेसर रौ राज खावण-पीवण रौ कोनीं, पण धारमिकता अर सानति अर वो आंणंद है जिकौ पवितर आतमा ऊं हासल होवै है। 18जिकौ मसीह री इण तरैह सेवा करै है, उण ऊं परमेसर खुस रैवै है अर लोग उणनै आदर दैवै है।
19इण वास्तै म्हौ उण बात में लागया रैवौ जिण ऊं सानति अर आत्मिक बढ़ोतरी हो। 20खाणै रै मामले मे परमेसर रै कांम नै मत बिगाड़। हर तरैह रौ खाणौ सुद्ध है, बल्कि किणी भी मिनख रै लियै वो कीं भी खाणौ ठीक कोनीं है, जिकौ किणी और भाई नै पाप रै मारग माथै ले जाये। 21भलौ तो ओ है, की थूं नीं मांस खाए, अर नीं दाखरस पीए, नीं और कीं ऐड़ौ करै जिण ऊं थारौ भाई ठोकर खावै। 22थारौ जिकौ विसवास है, उणनै परमेसर रै सांमै अपणै मन में इज राख। धन्य है वो जिकौ उण बात में, जिणनै वो ठीक समझै है, अपणै आप नै दोसी नीं ठैरावै। 23पण जिकौ वेम करनै खावै है वो डंड रै लायक ठैर चुकौ, क्यूंकै वो विसवास ऊं कोनीं खावै, अर जिकौ कीं विसवास ऊं कोनीं, वो पाप है।
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जिकौ विसवास मे कमजोर है, उणनै अपणी संगति मे ले लौ। पण उणरै विचारो ऊपर विवाद करणै रै लियै कोनीं। 2कीं लोग विसवास करै है, की सगळौ कीं खाणौ वाजिब है, पण जिकौ विसवास मे कमजोर है वो साग-सब्जी ही खावै है। 3तो वो जिकौ हरैक तरैह रौ खाणौ खावै है, उणनै उण मिनख नै तुच्छ कोनीं समझणौ चाहीजै जिकौ कीं चीजों कोनीं खावै। व्यौंही वो जिकौ कीं चीजों कोनीं खावै है, उणनै सगळौ कीं खावण वाळै नै बूरो नीं कैणौ चाहीजै। क्यूंकै परमेसर उणौनै अपणा लिया है। 4थूं कुण है जिकौ दूजै रै घर रै सेवक माथै दोस लगावै है? उणरौ स्थिर रैवणौ या नीं रैवणौ उणरै मालिक ऊं संबंध रैवै है, बल्कि वो स्थिर ही कर दियौ जावैला, क्यूंकै परभु उणनै स्थिर राख सकै है।
5कोई तो एक दिन नै दूजै दिन ऊं बढ़नै मांनै है, अर कोई सगळै दिनां नै एक जैड़ा मांनै है। हरैक अपणै इज मन में पको कर ले। 6जिकौ किणी एक दिन नै मांनै है, वो परभु नै आदर दैणै रै लियै इज मांनै है। अर जिकौ सगळौ कीं खावै है, वो भी परभु नै आदर दैणै रै लियै इज खावै है। क्यूंकै वो परमेसर रौ धन्यवाद करै है। अर जिकौ किणी चीजों नै नीं खावै, वो भी ऐड़ौ इण वास्तै करै है, क्यूंकै वो भी परभु नै आदर दैणौ चावै है। वो भी परमेसर नै इज धन्यवाद दैवै है। 7क्यूंकै म्हौ मे ऊं नीं तो कोई सिरफ खुद रै लियै जीवै है अर नीं कोई खुद रै लियै मरै है। 8जे म्हौ जीवता हो, तो परभु रै लियै जीवता हो। अर जे मरो हो, तो परभु रै लियै मरो हो। मतलब म्हौ जियो या मरो, म्हौ परभु रा इज हो। 9क्यूंकै मसीह इण वास्तै मरया अर जी भी उठया, ताकी वो मरयोड़ा अर जीवतौ दोनो रा परभु हो सकै। 10#2 कुरि 5:10थूं अपणै भाई माथै क्यूं दोस लगावै है? या फिर थूं अपणै भाई नै क्यूं तुच्छ जांणै है? म्हौ सगळौ नै परमेसर रै सिहासण रै सांमै ऊभौ होणौ है। 11क्यूंकै पवितर सास्तर में लिख्योड़ौ है,
“परभु कैवै है, ‘म्हारै जीवन री सौगन की हरैक गोडा म्हारै सांमै टिकैला,
अर हरैक जीभ परमेसर नै स्वीकार करैला।’ ”
12इण वास्तै म्हौ में ऊं हरैक परमेसर नै अपणौ अपणौ लेखो दैला।
अपणै भाई रै नास रौ कारण मत बणौ
13आखरी म्हौ आपस में दोस लगाणौ बंद करौ, अर ओ पको करौ की अपणै भाई रै मारग में म्हौ कोई अड़चन ऊभी नीं करौला अर नीं उणनै पाप रै लियै उकसाओला। 14म्हैं जांणूं हूं, अर परभु यीसु में म्हनै पको विसवास होयौ है की अपणै आप में कोई खाणौ अपवितर कोनीं है। वो कैवल उणरै लियै अपवितर है, जिकौ उणनै अपवितर मांनै है, उणरै लियै उणरौ खाणौ अपवितर है। 15जे थारै भाई नै थारै खाणै ऊं ठेस लागै है तो थूं वास्तव में परैम रौ व्यवहार कोनीं कर रियौ है। तो थूं अपणै खाणै ऊं उणरै नास रौ कारण मत बण, क्यूंकै मसीह नै एठै तांई की खुद रौ प्रांण दे दियौ। 16आखरी थारै लियै जिकौ खाणौ भलौ है, उणरी वजैऊं मसीह री निंदा मत होणै दे। 17क्यूंकै परमेसर रौ राज खावण-पीवण रौ कोनीं, पण धारमिकता अर सानति अर वो आंणंद है जिकौ पवितर आतमा ऊं हासल होवै है। 18जिकौ मसीह री इण तरैह सेवा करै है, उण ऊं परमेसर खुस रैवै है अर लोग उणनै आदर दैवै है।
19इण वास्तै म्हौ उण बात में लागया रैवौ जिण ऊं सानति अर आत्मिक बढ़ोतरी हो। 20खाणै रै मामले मे परमेसर रै कांम नै मत बिगाड़। हर तरैह रौ खाणौ सुद्ध है, बल्कि किणी भी मिनख रै लियै वो कीं भी खाणौ ठीक कोनीं है, जिकौ किणी और भाई नै पाप रै मारग माथै ले जाये। 21भलौ तो ओ है, की थूं नीं मांस खाए, अर नीं दाखरस पीए, नीं और कीं ऐड़ौ करै जिण ऊं थारौ भाई ठोकर खावै। 22थारौ जिकौ विसवास है, उणनै परमेसर रै सांमै अपणै मन में इज राख। धन्य है वो जिकौ उण बात में, जिणनै वो ठीक समझै है, अपणै आप नै दोसी नीं ठैरावै। 23पण जिकौ वेम करनै खावै है वो डंड रै लायक ठैर चुकौ, क्यूंकै वो विसवास ऊं कोनीं खावै, अर जिकौ कीं विसवास ऊं कोनीं, वो पाप है।
© NLCI CC BY-NC-ND 4.0