وبارَكَها اللهُ قائلًا: «أثمِري واكثُري واملإي المياهَ في البِحارِ. وليَكثُرِ الطَّيرُ علَى الأرضِ».
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ये सब कैसे शुरु हुआ? हम कहां से आए थे? दुनिया में इतनी दुःख क्यों है? क्या कोई उम्मीद है? क्या मृत्यु के बाद जीवन है? जैसे ही आप दुनिया के इस सच्चे इतिहास को पढ़ते हैं, जवाब पाएं।
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