मत्तियाह 2:12-23
मत्तियाह 2:12-23 HCV
उन्हें स्वप्न में परमेश्वर द्वारा यह चेतावनी दी गई कि वे राजा हेरोदेस के पास लौटकर न जाएं, इसलिये वे एक अन्य मार्ग से अपने देश लौट गए. उनके विदा होने के बाद प्रभु के एक दूत ने योसेफ़ को एक स्वप्न में प्रकट होकर आज्ञा दी, “उठिए, बालक और उनकी माता को लेकर मिस्र देश को भाग जाइए और उस समय तक वहीं ठहरे रहिए जब तक मैं आपको आज्ञा न दूं क्योंकि हेरोदेस हत्या की मंशा से बालक को खोज रहे हैं.” इसलिये योसेफ़ उठे और अभी, जबकि रात ही थी, उन्होंने बालक और उनकी माता को लेकर मिस्र देश को प्रस्थान किया. वे वहां हेरोदेस की मृत्यु तक ठहरे रहे कि प्रभु का यह वचन पूरा हो, जो उन्होंने एक भविष्यवक्ता के माध्यम से कहा था: “मिस्र देश से मैंने अपने पुत्र को बुलाया.” यह मालूम होने पर कि ज्योतिष उन्हें मूर्ख बना गए, हेरोदेस बहुत ही क्रोधित हुए. ज्योतिषियों से मिली सूचना के आधार पर उन्होंने बेथलेहेम नगर और उसके नज़दीकी क्षेत्र में दो वर्ष तथा उससे कम आयु के सभी शिशुओं के विनाश की आज्ञा दे दी. इससे भविष्यवक्ता येरेमियाह द्वारा पूर्वघोषित इस वचन की पूर्ति हुई: “रमाह नगर में एक शब्द सुना गया, रोना तथा घोर विलाप! राहेल अपने बालकों के लिए रो रही हैं. सांत्वना उन्हें स्वीकार नहीं, क्योंकि अब वे हैं ही नहीं.” जब राजा हेरोदेस की मृत्यु हुई, प्रभु के एक दूत ने स्वप्न में प्रकट होकर योसेफ़ को मिस्र में आज्ञा दी, “उठिए! बालक और उनकी माता को लेकर इस्राएल देश लौट जाइए क्योंकि जो बालक के प्राण लेने पर उतारू थे, उनकी मृत्यु हो चुकी है.” इसलिये योसेफ़ उठे और बालक और उनकी माता को लेकर इस्राएल देश में लौट आए. यह मालूम होने पर कि हेरोदेस के स्थान पर अब उनके पुत्र आरखेलाओस यहूदिया प्रदेश के राजा हैं, भय के कारण वह वहां नहीं गए. तब परमेश्वर की ओर से स्वप्न में चेतावनी प्राप्त होने पर वह गलील प्रदेश की ओर चल दिए तथा नाज़रेथ नामक नगर में जाकर बस गए कि भविष्यवक्ताओं द्वारा कहा गया यह वचन पूरा हो: “वह नाज़री कहलाएंगे.”





