मत्तियाह 27:27-44
मत्तियाह 27:27-44 HCV
तब पिलातॉस के सैनिक येशु को प्राइतोरियम अर्थात् किले के भीतर, महल के आंगन में ले गए और वहां उन्होंने सारी रोमी सैनिक टुकड़ी इकट्ठी कर ली. जो वस्त्र येशु पहने हुए थे, उसे उतारकर उन्होंने उन्हें एक चमकीला लाल वस्त्र पहना दिया. उन्होंने एक कंटीली लता को गूंधकर उसका मुकुट बना उनके सिर पर रख दिया और उनके दायें हाथ में नरकुल की एक छड़ी थमा दी. तब वे उनके सामने घुटने टेककर यह कहते हुए उनका मज़ाक करने लगे, “यहूदियों के राजा की जय!” उन्होंने येशु पर थूका भी और फिर उनके हाथ से उस नरकुल छड़ी को लेकर उसी से उनके सिर पर प्रहार करने लगे. इस प्रकार जब वे येशु का उपहास कर चुके, तब उन्होंने वह लाल वस्त्र उतारकर उन्हीं के वस्त्र उन्हें पहना दिए और उन्हें उस स्थल पर ले जाने लगे जहां उन्हें क्रूस पर चढ़ाया जाना था. जब वे बाहर निकले, उन्हें शिमओन नामक एक व्यक्ति, जो कुरेनावासी थे, दिखाई दिये. उन्होंने उन्हें येशु का क्रूस उठाकर चलने के लिए मजबूर किया. जब वे सब गोलगोथा नामक स्थल पर पहुंचे, जिसका अर्थ है “खोपड़ी का स्थान.” उन्होंने येशु को पीने के लिए दाखरस तथा कड़वे रस का मिश्रण दिया किंतु उन्होंने मात्र चखकर उसे पीना अस्वीकार कर दिया. येशु को क्रूसित करने के बाद उन्होंने उनके वस्त्रों को आपस में बांट लेने के लिए पासा फेंका और वहीं बैठकर उनकी चौकसी करने लगे. उन्होंने उनके सिर के ऊपर दोषपत्र लगा दिया था, जिस पर लिखा था: “यह येशु हैं—यहूदियों के राजा.” उसी समय दो अपराधियों को भी उनके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया था, एक को उनकी दायीं ओर, दूसरे को उनकी बायीं ओर. आते जाते यात्री उपहास-मुद्रा में सिर हिला-हिला कर मज़ाक उड़ा रहे थे, “अरे ओ मंदिर को नाश कर, तीन दिन में उसको दुबारा बनानेवाले! बचा लीजिए अपने आपको—यदि आप परमेश्वर के पुत्र हैं तो उतर आइए क्रूस से!” इसी प्रकार प्रधान पुरोहित भी व्यवस्था-विधि के शिक्षक और यहूदी नेतागण के साथ मिलकर उनका उपहास करते हुए कह रहे थे, “दूसरों को तो यह बचाते फिरे हैं, परंतु अब स्वयं को नहीं बचा सकते! वह तो इस्राएल के राजा हैं! क्रूस से नीचे आकर दिखाएं तो हम इनका विश्वास कर लेंगे. यह तो परमेश्वर में विश्वास करते हैं क्योंकि इन्होंने दावा किया था, ‘मैं ही परमेश्वर-पुत्र हूं,’ तब परमेश्वर इन्हें अभी छुड़ा दें—यदि वह इनसे प्रेम करते हैं.” उनके साथ क्रूस पर चढ़ाए गए राजद्रोही भी इसी प्रकार उनकी उल्लाहना कर रहे थे.




