रोमियों 7:1-6
रोमियों 7:1-6 HCV
प्रिय भाइयो और बहिनो, आप लोग जो व्यवस्था से परिचित हैं, क्या आप लोगों को यह मालूम नहीं कि किसी भी व्यक्ति पर व्यवस्था की प्रभुता उसी समय तक रहती है जब तक वह जीवित हैं? कानूनी तौर पर एक विवाहित स्त्री अपने पति से उसी समय तक बंधी रहती हैं जब तक उनके पति जीवित हैं, किंतु पति की मृत्यु होने पर वह कानूनी रूप से अपने पति से मुक्त हो जाती है. यदि अपने पति के जीवित रहते हुए वह किसी अन्य पुरुष से संबंध बनाती हैं तो वह व्यभिचारिणी कहलाती हैं किंतु अपने पति की मृत्यु के बाद वह कानूनी रूप से स्वतंत्र हो जाती हैं और अन्य पुरुष से विवाह करने पर व्यभिचारिणी नहीं कहलातीं. इसलिये मेरे प्रिय भाइयो और बहिनो, आप लोग भी मसीह के शरीर के द्वारा व्यवस्था के प्रति मरे हुए हैं कि आप लोग किन्ही अन्य से जुड़ जाएं—उनसे, जो मरे हुओं में से जीवित किए गए ताकि परमेश्वर के लिए हमारा जीवन फलदायी हो. जिस समय हम शारीरिक स्वभाव द्वारा नियंत्रित थे, पाप की लालसाएं, जो व्यवस्था द्वारा उत्तेजित की जाती थीं, मृत्यु के फल के लिए हमारे अंगों में सक्रिय थीं, किंतु अब हम उसके प्रति मरे सरीखे होकर, जिसने हमें बांध रखा था, व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिए गए हैं कि हम व्यवस्था द्वारा स्थापित पुरानी रीति पर नहीं परंतु पवित्र आत्मा द्वारा एक नई रीति में सेवा करने लग जाएं.

