भजन संहिता 36:5-10

भजन संहिता 36:5-10 HINOVBSI

हे यहोवा, तेरी करुणा स्वर्ग में है, तेरी सच्‍चाई आकाशमण्डल तक पहुँची है। तेरा धर्म ऊँचे पर्वतों के समान है, तेरे नियम अथाह सागर ठहरे हैं; हे यहोवा, तू मनुष्य और पशु दोनों की रक्षा करता है। हे परमेश्‍वर, तेरी करुणा कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखों के तले शरण लेते हैं। वे तेरे भवन के चिकने भोजन से तृप्‍त होंगे, और तू अपनी सुख की नदी में से उन्हें पिलाएगा। क्योंकि जीवन का सोता तेरे ही पास है; तेरे प्रकाश के द्वारा हम प्रकाश पाएँगे। अपने जाननेवालों पर करुणा करता रह, और अपने धर्म के काम सीधे मनवालों में करता रह!