उत्‍पत्ति 22:17-18 - Compare All Versions

उत्‍पत्ति 22:17-18 HERV (पवित्र बाइबल)

मैं तुम्हें निश्चय ही आशीर्वाद दूँगा। मैं तुम्हें उतने वंशज दूँगा जितने आकाश में तारे हैं। ये इतने अधिक लोग होंगे जितने समुद्र के तट पर बालू के कण और तुम्हारे लोग अपने सभी शत्रुओं को हराएंगे। संसार के सभी राष्ट्र तुम्हारे परिवार के द्वारा आशीर्वाद पाएंगे। मैं यह इसलिए करूँगा क्योंकि तुमने मेरी आज्ञा का पालन किया।”

उत्‍पत्ति 22:17-18 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

मैं निश्‍चय ही तुझे आशिष दूंगा, और तेरे वंश को आकाश के तारों एवं समुद्र तट के रेत-कणों के सदृश असंख्‍य बनाऊंगा। तेरे वंशज अपने शत्रुओं के नगर-द्वारों पर अधिकार करेंगे। पृथ्‍वी के समस्‍त राष्‍ट्र तेरे वंश के द्वारा मुझसे आशिष प्राप्‍त करेंगे; क्‍योंकि तूने मेरी आज्ञा सुनकर उसका पालन किया।’

उत्‍पत्ति 22:17-18 HHBD (Hindi Holy Bible)

इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूंगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की बालू के किनकों के समान अनगिनित करूंगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा: और पृथ्वी की सारी जातियां अपने को तेरे वंश के कारण धन्य मानेंगी: क्योंकि तू ने मेरी बात मानी है।

उत्‍पत्ति 22:17-18 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

इस कारण मैं निश्‍चय तुझे आशीष दूँगा; और निश्‍चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की बालू के किनकों के समान अनगिनित करूँगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा; और पृथ्वी की सारी जातियाँ अपने को तेरे वंश के कारण धन्य मानेंगी: क्योंकि तू ने मेरी बात मानी है।”

उत्‍पत्ति 22:17-18 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूँगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र तट के रेतकणों के समान अनगिनत करूँगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा; (इब्रा. 6:13,14) और पृथ्वी की सारी जातियाँ अपने को तेरे वंश के कारण धन्य मानेंगी: क्योंकि तूने मेरी बात मानी है।”

उत्‍पत्ति 22:17-18 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

तो मैं निश्चित रूप से आपको आशीष दूंगा और आपके वंश को आकाश के तारे और समुद्र किनारे के बालू के कण के समान अनगिनत करूंगा. आपके वंशज अपने शत्रुओं के शहरों को अपने अधिकार में ले लेंगे, और आपके वंश के ज़रिये पृथ्वी की सारी जातियां आशीष पाएंगी, क्योंकि आपने मेरी बात को माना है.”