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मत्ती 26:26-30 - सभी संस्करणों की तुलना करें

मत्ती 26:26-30 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

शिष्‍यों के साथ भोजन करते समय येशु ने रोटी ली, आशिष माँग कर तोड़ी और शिष्‍यों को दी, और कहा, “लो, खाओ। यह मेरी देह है।” तब उन्‍होंने कटोरा लिया और परमेश्‍वर को धन्‍यवाद दिया और यह कहते हुए उसे शिष्‍यों को दिया, “तुम सब इस में से पियो; क्‍योंकि यह विधान का मेरा रक्‍त है, जो बहुतों की पापक्षमा के लिए बहाया जा रहा है। मैं तुम से कहता हूँ : मैं दाख का यह रस उस दिन तक नहीं पिऊंगा, जब तक मैं अपने पिता के राज्‍य में तुम्‍हारे साथ नया रस न पिऊं।” भजन गाने के बाद येशु और उनके शिष्‍य जैतून पहाड़ पर चले गए।

मत्ती 26:26-30 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

जब वे खा रहे थे तो यीशु ने रोटी ली, और आशीष माँगकर तोड़ी, और चेलों को देकर कहा, “लो, खाओ; यह मेरी देह है।” फिर उसने कटोरा लेकर धन्यवाद किया, और उन्हें देकर कहा, “तुम सब इसमें से पीओ, क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है। मैं तुम से कहता हूँ कि दाख का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊँगा, जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊँ।” फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।

मत्ती 26:26-30 HHBD (Hindi Holy Bible)

उस ने उस से कहा, तू कह चुका: जब वे खा रहे थे, तो यीशु ने रोटी ली, और आशीष मांग कर तोड़ी, और चेलों को देकर कहा, लो, खाओ; यह मेरी देह है। फिर उस ने कटोरा लेकर, धन्यवाद किया, और उन्हें देकर कहा, तुम सब इस में से पीओ। क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लोहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है। मैं तुम से कहता हूं, कि दाख का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊंगा, जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊं॥ फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए॥

मत्ती 26:26-30 HERV (पवित्र बाइबल)

जब वे खाना खा ही रहे थे, यीशु ने रोटी ली, उसे आषीष दी और फिर तोड़ा। फिर उसे शिष्यों को देते हुए वह बोला, “लो, इसे खाओ, यह मेरी देह है।” फिर उसने प्याला उठाया और धन्यवाद देने के बाद उसे उन्हें देते हुए कहा, “तुम सब इसे थोड़ा थोड़ा पिओ। क्योंकि यह मेरा लहू है जो एक नये वाचा की स्थापना करता है। यह बहुत लोगों के लिये बहाया जा रहा है। ताकि उनके पापों को क्षमा करना सम्भव हो सके। मैं तुमसे कहता हूँ कि मैं उस दिन तक दाखरस को नहीं चखुँगा जब तक अपने परम पिता के राज्य में तुम्हारे साथ नया दाखरस न पी लूँ।” फिर वे फ़सह का भजन गाकर जैतून पर्वत पर चले गये।

मत्ती 26:26-30 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

जब वे खा रहे थे, तो यीशु ने रोटी ली, और आशीष माँगकर तोड़ी, और चेलों को देकर कहा, “लो, खाओ; यह मेरी देह है।” फिर उसने कटोरा लेकर धन्यवाद किया, और उन्हें देकर कहा, “तुम सब इसमें से पीओ, क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के लिए बहाया जाता है। मैं तुम से कहता हूँ, कि दाख का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊँगा, जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊँ।” फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।

मत्ती 26:26-30 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

जब वे भोजन के लिए बैठे, येशु ने रोटी ली, उसके लिए आशीष विनती की, उसे तोड़ी और शिष्यों को देते हुए कहा, “यह लीजिए, खाइए; यह मेरा शरीर है.” तब येशु ने प्याला लिया, उसके लिए धन्यवाद दिया तथा शिष्यों को देते हुए कहा, “आप सब इसमें से पीजिये. यह वाचा का मेरा लहू है जो अनेकों की पाप क्षमा के लिए उंडेला जा रहा है. मैं यह बताना चाहता हूं कि मैं दाख का रस उस दिन तक नहीं पिऊंगा जब तक मैं अपने पिता के राज्य में आप लोगों के साथ दाखरस दोबारा नहीं पिऊं.” एक भक्ति गीत गाने के बाद वे ज़ैतून पर्वत पर चले गए.