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रोमियों 13:1-7 - सभी संस्करणों की तुलना करें

रोमियों 13:1-7 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

प्रत्‍येक व्यक्‍ति शासन के अधिकारियों के अधीन रहे, क्‍योंकि परमेश्‍वर की अनुमति से ही अधिकार दिया जाता है और वर्तमान अधिकारों की व्‍यवस्‍था परमेश्‍वर की ओर से है। इसलिए जो ऐसे अधिकार का विरोध करता है, वह परमेश्‍वर की व्‍यवस्‍था के विरुद्ध विद्रोह करता है और विद्रोही अपने सिर पर दण्‍डाज्ञा बुलाते हैं। शासक सत्‍कर्म करने वालों में नहीं, बल्‍कि कुकर्म करने वालों में भय उत्‍पन्न करते हैं। क्‍या तुम अधिकारियों के भय से मुक्‍त रहना चाहते हो? तो सत्‍कर्म करते रहो और वे तुम्‍हारी प्रशंसा करेंगे, क्‍योंकि वे तुम्‍हारी भलाई के लिए परमेश्‍वर के सेवक हैं। किन्‍तु यदि तुम कुकर्म करते हो, तो उन से अवश्‍य डरो; क्‍योंकि वे व्‍यर्थ ही तलवार नहीं बाँधते। वे परमेश्‍वर के सेवक हैं और उसके प्रकोप का साधन होकर कुकर्मियों को दण्‍ड देते हैं। इसलिए न केवल प्रकोप से बचने के लिए, बल्‍कि अन्‍त:करण के कारण भी आप को अधिकारियों के अधीन रहना चाहिए। आप लोग इसीलिए राजकर चुकाते हैं। अधिकारीगण परमेश्‍वर के जनसेवक हैं और वे अपनी इस सेवा में लगे रहते हैं। आप सब के प्रति अपना कर्त्तव्‍य पूरा करें। जिसे राजकर देना चाहिए, उसे राजकर दिया करें। जिसे चुंगी देनी चाहिए, उसे चुंगी दिया करें। जिस पर श्रद्धा रखनी चाहिए, उस पर श्रद्धा रखें और जिसे सम्‍मान देना चाहिए, उसे सम्‍मान दें।

रोमियों 13:1-7 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

हर एक व्यक्‍ति शासकीय अधिकारियों के अधीन रहे, क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्‍वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्‍वर के ठहराए हुए हैं। इसलिये जो कोई अधिकार का विरोध करता है, वह परमेश्‍वर की विधि का सामना करता है, और सामना करनेवाले दण्ड पाएँगे। क्योंकि हाकिम अच्छे काम के नहीं, परन्तु बुरे काम के लिये डर का कारण है; अत: यदि तू हाकिम से निडर रहना चाहता है, तो अच्छा काम कर, और उसकी ओर से तेरी सराहना होगी; क्योंकि वह तेरी भलाई के लिये परमेश्‍वर का सेवक है। परन्तु यदि तू बुराई करे, तो डर, क्योंकि वह तलवार व्यर्थ लिए हुए नहीं; और परमेश्‍वर का सेवक है कि उसके क्रोध के अनुसार बुरे काम करनेवाले को दण्ड दे। इसलिये अधीन रहना न केवल उस क्रोध के डर से आवश्यक है, वरन् विवेक भी यही गवाही देता है। इसलिये कर भी दो क्योंकि शासन करनेवाले परमेश्‍वर के सेवक हैं और सदा इसी काम में लगे रहते हैं। इसलिये हर एक का हक्‍क चुकाया करो; जिसे कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिससे डरना चाहिए, उससे डरो; जिसका आदर करना चाहिए, उसका आदर करो।

रोमियों 13:1-7 HHBD (Hindi Holy Bible)

हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के आधीन रहे; क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं, जो परमेश्वर की ओर स न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं। इस से जो कोई अधिकार का विरोध करता है, वह परमेश्वर की विधि का साम्हना करता है, और साम्हना करने वाले दण्ड पाएंगे। क्योंकि हाकिम अच्छे काम के नहीं, परन्तु बुरे काम के लिये डर का कारण हैं; सो यदि तू हाकिम से निडर रहना चाहता है, तो अच्छा काम कर और उस की ओर से तेरी सराहना होगी; क्योंकि वह तेरी भलाई के लिये परमेश्वर का सेवक है। परन्तु यदि तू बुराई करे, तो डर; क्योंकि वह तलवार व्यर्थ लिये हुए नहीं और परमेश्वर का सेवक है; कि उसके क्रोध के अनुसार बुरे काम करने वाले को दण्ड दे। इसलिये आधीन रहना न केवल उस क्रोध से परन्तु डर से अवश्य है, वरन विवेक भी यही गवाही देता है। इसलिये कर भी दो, क्योंकि शासन करने वाले परमेश्वर के सेवक हैं, और सदा इसी काम में लगे रहते हैं। इसलिये हर एक का हक चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो॥

रोमियों 13:1-7 HERV (पवित्र बाइबल)

हर व्यक्ति को प्रधान सत्ता की अधीनता स्वीकार करना चाहिए। क्योंकि शासन का अधिकार परमेश्वर की ओर से है। और जो अधिकार मौजूद है उन्हें परमेश्वर ने नियुक्त किया है। इसलिए जो सत्ता का विरोध करता है, वह परमेश्वर की आज्ञा का विरोध करता है। और जो परमेश्वर की आज्ञा का विरोध करते हैं, वे दण्ड पायेंगे। अब देखो कोई शासक, उस व्यक्ति को, जो नेकी करता है, नहीं डराता बल्कि उसी को डराता है, जो बुरे काम करता है। यदि तुम सत्ता से नहीं डरना चाहते हो, तो भले काम करते रहो। तुम्हें सत्ता की प्रशंसा मिलेगी। जो सत्ता में है वह परमेश्वर का सेवक है वह तेरा भला करने के लिये है। किन्तु यदि तू बुरा करता है तो उससे डर क्योंकि उसकी तलवार बेकार नहीं है। वह परमेश्वर का सेवक है जो बुरा काम करने वालों पर परमेश्वर का क्रोध लाता है। इसलिए समर्पण आवश्यक है। न केवल डर के कारण बल्कि तुम्हारी अपनी चेतना के कारण। इसलिए तो तुम लोग कर भी चुकाते हो क्योंकि अधिकारी परमेश्वर के सेवक हैं जो अपने कर्तव्यों को ही पूरा करने में लगे रहते हैं। जिस किसी का तुझे देना है, उसे चुका दे। जो कर तुझे देना है, उसे दे। जिसकी चूँगी तुझ पर निकलती है, उसे चूँगी दे। जिससे तुझे डरना चाहिए तू उससे डर। जिसका आदर करना चाहिए उसका आदर कर।

रोमियों 13:1-7 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के अधीन रहे; क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं, जो परमेश्वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं। (तीतु. 3:1) इसलिए जो कोई अधिकार का विरोध करता है, वह परमेश्वर की विधि का विरोध करता है, और विरोध करनेवाले दण्ड पाएँगे। क्योंकि अधिपति अच्छे काम के नहीं, परन्तु बुरे काम के लिये डर का कारण है; क्या तू अधिपति से निडर रहना चाहता है, तो अच्छा काम कर और उसकी ओर से तेरी सराहना होगी; क्योंकि वह तेरी भलाई के लिये परमेश्वर का सेवक है। परन्तु यदि तू बुराई करे, तो डर; क्योंकि वह तलवार व्यर्थ लिए हुए नहीं और परमेश्वर का सेवक है; कि उसके क्रोध के अनुसार बुरे काम करनेवाले को दण्ड दे। इसलिए अधीन रहना न केवल उस क्रोध से परन्तु डर से अवश्य है, वरन् विवेक भी यही गवाही देता है। इसलिए कर भी दो, क्योंकि शासन करनेवाले परमेश्वर के सेवक हैं, और सदा इसी काम में लगे रहते हैं। इसलिए हर एक का हक़ चुकाया करो; जिसे कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे चुंगी चाहिए, उसे चुंगी दो; जिससे डरना चाहिए, उससे डरो; जिसका आदर करना चाहिए उसका आदर करो।

रोमियों 13:1-7 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

आप में से प्रत्येक जन प्रशासनिक अधिकारियों के अधीन रहें. यह इसलिये कि परमेश्वर द्वारा ठहराए अधिकारी के अलावा अन्य कोई अधिकारी नहीं हैं. वर्तमान अधिकारी परमेश्वर के द्वारा ही ठहराए गए हैं. इसलिये वह, जो अधिकारी का विरोध करते हैं, परमेश्वर के आदेश के विरोधी हैं और ऐसे विरोधी स्वयं अपने ऊपर दंड ले आएंगे. राजा अच्छे काम के लिए नहीं परंतु बुरे काम के लिए भय के कारण हैं. क्या आप अधिकारियों से निर्भय रहना चाहते हैं? तो वही कीजिए, जो उचित है. इस पर आप लोगों को अधिकारी की सराहना प्राप्‍त होगी क्योंकि अधिकारी आपके ही हित में परमेश्वर के सेवक हैं किंतु यदि आप वह करते हैं, जो बुरा है तो डरिए क्योंकि उनके हाथ में तलवार व्यर्थ नहीं है. वह अधिकारी परमेश्वर द्वारा चुने हुए सेवक हैं—कुकर्मियों के दंड के लिए प्रतिशोधी. इसलिये यह सही है कि सिर्फ दंड के भय के कारण ही नहीं परंतु अंतरात्मा के हित में भी अधीन रहा जाए. आप लोग इसी कारण राज्य के प्रति विभिन्‍न कर भी चुकाते हैं क्योंकि राजा परमेश्वर के जनसेवक हैं और इसी काम के लिए समर्पित हैं. जिन्हें जो कुछ दिया जाना निर्धारित है, उन्हें वह दीजिए: जिन्हें कर देना है, उन्हें कर दीजिए; जिन्हें राजस्व अदा करना है, उन्हें राजस्व; जिनसे डरना है, उनसे डरिए तथा जो सम्मान के अधिकारी हैं, उनका सम्मान कीजिए.