बाइबल ऐप लोगो
खोज चिह्न

रोमियों 15:1-3 - सभी संस्करणों की तुलना करें

रोमियों 15:1-3 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

हम लोगों को, जो समर्थ हैं, अपनी सुख-सुविधा का नहीं, बल्‍कि दुर्बलों की कमजोरियों का ध्‍यान रखना चाहिए। हम में प्रत्‍येक को अपने पड़ोसी की भलाई तथा चरित्र-निर्माण के लिए उसकी सुख-सुविधा का ध्‍यान रखना चाहिए। मसीह ने भी अपने सुख का ध्‍यान नहीं रखा। जैसा कि धर्मग्रंथ में लिखा है, “तेरी निन्‍दा करने वालों ने मेरी निन्‍दा की है।”

रोमियों 15:1-3 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

अत: हम बलवानों को चाहिए कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें, न कि अपने आप को प्रसन्न करें। हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उसकी भलाई के लिये प्रसन्न करे कि उसकी उन्नति हो। क्योंकि मसीह ने अपने आप को प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है : “तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।”

रोमियों 15:1-3 HHBD (Hindi Holy Bible)

निदान हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें; न कि अपने आप को प्रसन्न करें। हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित प्रसन्न करे। क्योंकि मसीह ने अपने आप को प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है, कि तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।

रोमियों 15:1-3 HERV (पवित्र बाइबल)

हम जो आत्मिक रूप से शक्तिशाली हैं, उन्हें उनकी दुर्बलता सहनी चाहिये जो शक्तिशाली नहीं हैं। हम बस अपने आपको ही प्रसन्न न करें। हम में से हर एक, दूसरों की अच्छाइयों के लिए इस भावना के साथ कि उनकी आत्मिक बढ़ोतरी हो, उन्हें प्रसन्न करे। यहाँ तक कि मसीह ने भी स्वयं को प्रसन्न नहीं किया था। बल्कि जैसा कि मसीह के बारे में शास्त्र कहता है: “उनका अपमान जिन्होंने तेरा अपमान किया है, मुझ पर आ पड़ा है।”

रोमियों 15:1-3 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

अतः हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं में सहायता करें, न कि अपने आपको प्रसन्न करें। हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उसकी भलाई के लिये सुधारने के निमित्त प्रसन्न करे। क्योंकि मसीह ने अपने आपको प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है, “तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।” (भज. 69:9)

रोमियों 15:1-3 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

आवश्यक है कि हम, जो विश्वास में मजबूत हैं, कमज़ोरों की कमज़ोरी के प्रति धीरज का भाव रखें, न कि सिर्फ अपनी प्रसन्‍नता का. हममें से प्रत्येक अपने पड़ोसी की भलाई तथा उन्‍नति के लिए उनकी प्रसन्‍नता का ध्यान रखें. क्योंकि मसीह ने अपने आपको प्रसन्‍न नहीं किया जैसा कि पवित्रशास्त्र का लेख है: उनकी निंदा, जो आपके निंदक हैं, मुझ पर आ पड़ी है.