संत.मत्‍ती 17:17-18

संत.मत्‍ती 17:17-18 ASR

ईसु बेता लिकुआय, “ए भटकाव उनकु अबिसवासीकु, ईङ ओका हिला जगुत आपे लोः तहिनुईंग? ईङ आपे के ओका हिला जगुत सहाव पीईंग? ईङ दुबाःड़े हुनी के आगुई पे।” ईसु मुवाँ आतमा के डपटाव लियाय, आउर हुनी नांव छठिया कोड़ा तरअः उडुंग नाय, हुनी कोड़ा चेंगा हेने घड़ीक बेस नाय।