Biểu trưng YouVersion
Biểu tượng Tìm kiếm

संत.मत्‍ती 20:26-28

संत.मत्‍ती 20:26-28 ASR

बकिर आपे रे नोकान कोवान हुयाअः चाही, जे आपे रे बड़ेयोः चहाआय। हुनी जामेकु आली धाँगड़ पड़ीयोए। आउर आपे मेसे जे बड़े बनाअः नामाय, हुनी के आपे आली बंधाउवा पड़ीयोअ चाही। एता लःअय ची मनवा होपोन होः, सु-सुसार चिनोः लःअय काय हीःग ताना, बकिर से-सेवा आउर ढेर होड़कु के छो-छोड़ाव लःअय अपन दाम रेनअः भेस रे अपन जीव एमोअ हीःग तनाय।”