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सूक्ति संग्रह 18:21
सरल हिन्दी बाइबल
HCV
जिह्वा की सामर्थ्य जीवन और मृत्यु तक व्याप्त है, और जिन्हें यह बात ज्ञात है, उन्हें इसका प्रतिफल प्राप्त होगा.
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सूक्ति संग्रह 18:10
यहोवाह का नाम एक सुदृढ़ मीनार समान है; धर्मी जन दौड़कर इसमें छिप जाते और सुरक्षित बने रहते हैं.
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सूक्ति संग्रह 18:24
मनुष्य के मित्र मैत्री का लाभ उठाते रहते हैं, किंतु सच्चे मित्र वह होते हैं, जो भाई से भी अधिक उत्तम होते हैं.
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सूक्ति संग्रह 18:22
जिन पुरुष को पत्नी प्राप्त हो गई है, उन्होंने भलाई प्राप्त की है, उन्हें यहोवाह की ओर से ही यह आनंद प्राप्त हुआ है.
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सूक्ति संग्रह 18:13
यदि कोई व्यक्ति ठीक से सुने बिना ही उत्तर देने लगें, तो यह मूर्खता और लज्जा की स्थिति होती है.
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सूक्ति संग्रह 18:2
विवेकशीलता में मूर्ख की कोई रुचि नहीं होती, उन्हें तो मात्र अपने ही विचार व्यक्त करने की धुन रहती है.
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सूक्ति संग्रह 18:12
इसके पूर्व कि किसी मनुष्य पर विनाश का प्रहार हो, उनका हृदय घमंडी हो जाता है, पर आदर मिलने के पहले मनुष्य नम्र होते हैं!
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