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संत.जोहन 13:34-35
Asuri
ASR
“ईङ आपे के नावाँ हुकूम एमाअ दिपीईङ ची आपे दुलार उपड़ीङोपे। जे लकान ईङ आपे के दुलार लेपेईंग हिना लकान आपे-आपे दुलार उपड़िङोअपे। जदि आपे दुलार उपड़ीङोआपे दो हिना तरअः जामे होड़ आपे ईङ आलकु चेला हेके सेके पाड़ी केआकु।”
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संत.जोहन 13:14-15
हिना लःअय जदि ईङ आपे आली परभु आउर गुरू हुयाव कोअते, आपे आला जांगा आबुन लाईङ दो आपे केहोः हुनी-नुई आला जांगा आअबुन चाही। एता लःअय ची ईङ आपे के नमुना उदूः तदिङ, जेकर से ची जे लकान ईङ आपे लोः इया तदिङ, हिना लकान आपे होः इयायपे।
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संत.जोहन 13:7
ईसु हुनी के कंहड़ी रूवाड़ोः लियाय “आम नहाअः ईङ एतान दिंग सेके काम समझाअ ताना, बकिर तयोम समझाव कोआम।”
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संत.जोहन 13:16
ईङ आपे के सचे कंहड़ीओ दिपीईंग, बंधाउवा अपन गोमके तरअः बड़े काकु हुयाआ, आउर ना कुलगोःड उनी अपन कु-कुलगोःडि तरअः।
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संत.जोहन 13:17
आपे नोःआँ बात के पाड़ी आपे, आउर जदि आपे नोःआँ रे चलाआपे दो धनया एदान पेआ।
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संत.जोहन 13:4-5
हुनी घोटो जोम ठाँव तरअः बिरिःड केते, अपन सोलोंग ओना तेंग रेनअः गेन्दरअ उसार लःअय, आउर अपन मयांग रे गमछा के तोल लःअय। तब हुनी तसला रे दाअः पेरे:ग केते अपन चेलाकु आला जांगा के आबुन दिकुआय, आउर मयांग रे तोल लअः गमछा रे हुंकू आला पाँव के जोःड दिकुआय।
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